Paris Olympics 2024: मेंस सिंगल्स के सेमीफाइनल में लक्ष्य, बैडमिंटन में मेडल से एक कदम दूर भारत
पेरिस ओलंपिक से भारत के लिए बड़ी खबर आ रही है। लक्ष्य सेन मेंस सिगंल्स के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं और अब भारत बैडमिंटन में मेडल से एक कदम दूर है।
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2024 पेरिस ओलंपिक (Paris Olympics 2024) से बहुत बड़ी खबर आई है। युवा भारतीय बैडमिंटन (Badminton) खिलाड़ी लक्ष्य सेन (Lakshya Sen) मेंस सिंगल्स के सेमीफाइनल (Men's Singles Semifinal) में पहुंच गए हैं और अब भारत (India) बैडमिंटन (Badminton) में मेडल (Medal) से सिर्फ एक कदम दूर है।
22 साल के युवा खिलाड़ी लक्ष्य सेन (Lakshya Sen) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पेरिस ओलंपिक (Paris Olympics) में इतिहास रचा है। दरअसल वो ओलंपिक में मेंस सिंगल्स इवेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी बने हैं।
लक्ष्य और चीनी ताइपे के खिलाड़ी के बीच बेहद कांटे का मुकाबला हुआ, लेकिन लक्ष्य का लचीलापन और धैर्य आज गेम चेंजर साबित हुआ। लक्ष्य के सामने दुनिया के पूर्व नंबर 2 खिलाड़ी चीनी ताइपे के चाउ टीएन-चेन की कड़ी चुनौती थी। 75 मिनट तक चले इस क्वार्टर फाइनल मुकाबले में चीनी ताइपे के चाउ टीएन-चेन को 19-21, 21-15, 21-12 से हराया और सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां वो 4 अगस्त को लोह कीन यू या विक्टर एक्सेलसेन से भिड़ेंगे।
बता दें कि लक्ष्य से पहले सिर्फ एक भारतीय पीवी सिंधू ही ओलंपिक में सिंगल्स इवेंट के सेमीफाइनल में पहुंचीं हैं। सिंधू 2016 रियो ओलंपिक के वुमेंस सिंगल्स के सेमीफाइनल में पहुंचीं थी, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा था और उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। लक्ष्य के पास बैडमिंटन में गोल्ड मेडल जीतने का सुनहरा मौका है। अगर वो सेमीफाइनल में जीत जाते हैं तो वो भारत के लिए मेडल पक्का कर लेंगे। ये या तो गोल्ड होगा या सिल्वर, लेकिन अगर वो हार जाते हैं तो उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मैच में खेलने का मौका मिलेगा और वो हारकर भी मेडल जीत सकते हैं।
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लक्ष्य सेन ने प्री क्वार्टर फाइनल में अपने ही हमवतन और अनुभवी खिलाड़ी एचएस प्रणय को हराया था और क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।